उत्तर प्रदेश सरकार ने रायबरेली और अमेठी में बिजली कटौती कर दिखाई बहादुरी. यदि यह सरकार इसी तरह लगन से काम करती रही तो शीघ्र ही सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में पूरी तरह बिजली ठप्प करने में सफलता हासिल कर लेगी. इससे इस सरकार का नाम गिनिस बुक आफ वर्ड रिकार्ड में दर्ज हो जायेगा और दूसरा समाजवादी पार्टी का लक्ष्य पूरा हो जायेगा.
यद्यपि अडवाणी जी का चुनाव क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से बहुत दूर है. फिर भी यु. पी. सरकार को अनडरगराउंड लम्बी लाइन बिछा कर उत्तर प्रदेश की सारी बिजली उनके क्षेत्र में भेज देनी चाहिए क्योकि कि अगली सरकार बीजेपी की बनने के आसार है और तब सी.बी.आई. उनके कंट्रोल में होगी. अडवाणी जी यदि प्रधानमंत्री नहीं भी बने तो भी उस सरकार में उनकी बहुत हैसियत होगी.
राजनैतिक प्रतिद्वंदता के कारण माननीय मुलायम सिंह जी का सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी से नाराज होना स्वाभाविक है, किन्तु अमेठी और रायबरेली की जनता ने उनका क्या बिगाड़ा है ? वहां की जनता ने विधान सभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी को भारी बहुमत से जिताया था. क्या यह माना जाय कि बिजली बंद करके मुलायम सिंह जी ने वहां की जनता का आभार व्यक्त किया है?
यदि अमेठी और रायबरेली के साथ नुख्य्मंत्री जी इटावा और सैफई की बिजली सप्लाई में भी कटौती कर देते तब यह मान लिया जाता कि यह सब बिजली की कमी के कारण हो रहा है और मन दुखी न होता.